gaurav srivastaw (be original)
Friday, 22 June 2012
Tuesday, 10 April 2012
आज अब भी कुछ शेष है ,यह
पल भी अब बीत रहा है ,कुछ दे रहा कुछ छीन रहा है ,कुछ यादों को समेट रहा ,कुछ बातों को बोल रहा ,कुछ उमंगों को तलाश रहा ,इसी समय की रेखा मे बंधे हुए सब यादों को देख रहा और धुध रहाक्या पाया क्या छुट गया
Wednesday, 11 January 2012
aaj phala day hai
आज पहले दिन हिंदी से सुरुआत करता हु
Newer Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)